लोहिया अस्पताल में महिला गार्ड का आतंक, पीट पीटकर मरीज महिला को किया बेहोश केएमबी ब्यूरो उर्मिला सिंह लखनऊ। अगर आप अपने इलाज के लिए डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल जा रहे हैं तो सावधान होकर जाएं अन्यथा वहां मौजूद गार्ड के आतंक का शिकार होना पड़ सकता है। लोहिया अस्पताल में तैनात महिला गार्ड का आतंक इस कदर मरीजों के ऊपर है कि वह इलाज के लिए आए मरीजों के साथ अभद्रता के साथ-साथ उनको मारती पीटती भी हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में महिला गार्ड की जिसने इलाज के लिए आई महिला को मारते-मारते बेहोश कर दिया। महिला गार्ड ने दिखाने आई पीड़ित महिला को इतना मारा कि वह गिरकर बेहोश हो गई। अस्पताल में मौजूद लोगों ने उसे बचाया। अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती इसलिए की जाती है कि वह मरीजों की सुविधा हेतु आवश्यक सलाह प्रदान करें ताकि मरीजों को इलाज में सहूलियत मिल सके लेकिन जब इस तरह के गार्ड अस्पताल में तैनात होंगे तो मरीज अपना इलाज कैसे कर सकेंगे। ऐसे गार्ड के खिलाफ अस्पताल प्रशासन से आग्रह है कि सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने का कष्ट करें।
तरनतारन में विदेश भेजने के नाम पर दो युवकों से विदेश भेजने के नाम पर ठगी का मामला आया था। युवकों को पुर्तगाल भेजने का झांसा दिया गया। जबकि उन्हें धोखे से दुबई भेज दिया गया। बाद युवक भारत लौट आया। परिजनों की शिकायत के बाद सराय अमानत खां थाना पुलिस ने ठगी करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मियांपुर निवासी सुखविंदर सिंह पुत्र संतोख सिंह ने सराय अमानत खां थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, सुखविंदर सिंह ने हरप्रीत सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह, सरबजीत कौर पत्नी हरप्रीत सिंह (निवासी मेहसनपुरा), कप्तान सिंह पुत्र शिंगारा सिंह (निवासी बासरके भैणी) और मनजीत सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह (निवासी मोहल्ला नानकसर, तरनतारन) से पुर्तगाल भेजने के लिए 15 लाख रुपये में बात की थी। सुखविंदर सिंह ने आरोपियों को 8 लाख 80 हजार का भुगतान कर दिया था। आरोपियों ने उनके बेटे मनदीप सिंह को पुर्तगाल की जगह दुबई भेज दिया। उनका भतीजा गुरप्रीत सिंह पहले से दुबई में था। 4-5 महीने तक दुबई में रहने के बाद जब आगे की बात नहीं बनी तो बेटा और भतीजा दोनों वापसे आ गए। एएसआई नरिंदर सिंह ने शिकायत के आधार पर आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र स्थित किंतूर में निर्माणाधीन राजकीय आईटीआई कॉलेज के कार्यों में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने औचक निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवन का जायजा लिया और कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुरूप नहीं हो रहा है, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि भवन का प्रथम तल जुलाई तक हर हाल में तैयार होना चाहिए। साथ ही, अगस्त माह से संस्थान में कक्षाएं शुरू कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह आधुनिक राजकीय आईटीआई कॉलेज टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से लगभग 382.50 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। परियोजना के तहत जी+2 वर्कशॉप भवन और अत्याधुनिक प्रशिक्षण कक्ष विकसित किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सरोज, तहसीलदार बालेंद्र भूषण वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से परियोजना पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
© India News 20. All Rights Reserved. Design by PPC Service