Aloo Bharta: आलू एक ऐसी चीज है जो हर घर में लगभग रोज ही बनते हैं. ज्यादातर लोग आलू में कोई न कोई सब्जी मिलाकर या फिर फ्राई करके खाते हैं लेकिन आज हम आलू का लजीज भरता बनाना सिखा रहे हैं. बारीक प्याज और सरसों का तेल डालकर बनने वाला ये आलू का भरता आपके खाने का टेस्ट बढ़ा देगा.
भास्कर संवाददाता|राजगढ़ जिला अस्पताल को 500 बिस्तरों की क्षमता के अनुरूप विकसित किया जा चुका है। अस्पताल में आधुनिक मशीनें, आईसीयू, डायलिसिस, सीटी स्कैन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि जहां 500 बिस्तरों के अस्पताल के लिए 300 से अधिक स्टाफ नर्सों की जरूरत मानी जाती है, वहीं वर्तमान में केवल 113 पद भरे हैं और इनमें भी सिर्फ 89 नर्सें ही अस्पताल में कार्यरत हैं। दूसरी ओर कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद भी लंबे समय से खाली हैं। इसी बीच जिला अस्पताल से हाल ही में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ आकांक्षा पांडेय ने नौकरी छोड़ दी है। इनके अलावा स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ ऋतिका रेगे ने भी नौकरी छोड़ दी है। 4 माह पहले आए अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ अदित अग्रवाल भी लंबे अवकाश पर चले गए हैं, उन्होंने प्रबंधन कहा था कि मैं शायद ही वापस आऊं। ऐसे में मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण उपलब्ध संसाधनों का लाभ मरीजों तक पहुंचाने में विभाग को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि चिकित्सा अधिकारी के 31 पद में से 11 भरे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर के 51 में से 17 काम कर रहे हैं। पहले 600 से 700 मरीज ओपीडी में आ रहे थे, अब 1000 से अधिक रोगी आ रहे हैं। काम का दबाव अधिक होने के कारण डॉक्टर नौकरी छोड़ कर जा रहे हैं। 300 होना चाहिए नर्सिंग स्टाफ, यहां सिर्फ 89 : अस्पताल में 500 बिस्तरों के अनुसार 300 से अधिक स्टाफ नर्सों की आवश्यकता है। इसके विपरीत वर्तमान में 113 पद भरे हैं, लेकिन इनमें से भी केवल 89 नर्सें अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। शेष नर्सें प्रशिक्षण या अन्य कारणों से अपने मूल कार्यस्थल पर उपलब्ध नहीं हैं। इसी तरह लैब टेक्नीशियन के 10 स्वीकृत पदों के विरुद्ध केवल 8 कार्यरत हैं। ऐसे में जांच और उपचार सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। कमी है,पत्र लिखा है... विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव है। उपलब्ध मानव संसाधन से बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों के रिक्त पद भरने के लिए वरिष्ठ स्तर पर पत्र लिखा है। डॉ. रजनीश शर्मा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक सुविधाएं बढ़ीं, लेकिन मानव संसाधन अब भी चुनौती बीते सालों में जिला अस्पताल में उपचार सुविधाओं का विस्तार हुआ है। गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू, डायलिसिस, सीटी स्कैन, आधुनिक पैथोलॉजी जांच और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला अस्पताल में सर्जन डॉ अंकुर देशवाली जटिल सर्जरी कर रहे हैं। ऐसे में लोगों का भरोसा जिला अस्पताल पर बढ़ा है, ऐसे में यहां ओपीडी में आने वाले रोगियों की संख्या भी 700 से बढ़कर अब 1 हजार के पार पहुंच गई है।
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