मकर संक्रांति और इस माघ महीने में तिल की खूब पूछ होती है. मकर संक्रांति में वो खाने और पूजा में इस्तेमाल होता है. वैसे हमारी बहुत सी धार्मिक गतिविधियों में उसका खूब इस्तेमाल है. क्या तिल का ओरिजिन भारत का ही है या ये अफ्रीका से यहां आया. अब ये कैसे ग्लोबल सुपरफूड बन गया है. खासकर वेगन आंदोलन के जोर पकड़ने के बाद.
ईरान में महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. इसी संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नौजवान, मुस्लिम मौलाना जैसे दिखने वाले एक शख्स से बहस करते और उसे थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहा है. आजतक की टीम ने इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया है.
एमसीबी जिले में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दानीकुंडी, हसदेव गंगा तट, पालकीमाड़ा और श्री सिद्धबाबा मंदिर में भव्य मेलों का आयोजन किया गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो दिन भर बनी रहीं। भक्तों ने पवित्र स्नान कर सूर्यदेव की उपासना की और दान-पुण्य किया। मेलों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह नजर आया। मकर संक्रांति के अवसर पर धार्मिक स्थलों को विशेष रूप से सजाया गया। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। पूरे जिले में धार्मिक आस्था, परंपरा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। मनेन्द्रगढ़ के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ मेलों के अलावा मनेन्द्रगढ़ के श्री खाटू श्याम मंदिर, हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर और शनि मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं और कई मेलों में पारंपरिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। प्रसिद्ध श्री सिद्धबाबा मंदिर और हसदेव गंगा तट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोग-भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई थी। मकर संक्रांति पर सबसे अधिक भीड़ श्री सिद्धबाबा मंदिर में देखी गई। भारी भीड़ के बीच पुलिस ने संभाली व्यवस्था श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुबह से ही पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्था संभाले रहा, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। ऊंची पहाड़ी पर स्थित मंदिर होने के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों की सुविधा के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की गई थी। इन वाहनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पहाड़ी के निचले हिस्से से मंदिर तक और दर्शन के बाद मुख्य मार्ग तक सुरक्षित पहुंचाया गया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक सहयोग, धार्मिक आस्था और सेवाभाव का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला।
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
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