केंद्र-राज्य सरकार ने किए वादों को पूरा नहीं किया : बलजीत सिंह
हम सभी चाहते हैं कि हमारी स्माइल अट्रैक्टिव और कॉन्फिडेंस से भरी हो. एक चमकदार सफेद दांतों वाली स्माइल न सिर्फ खूबसूरती बढ़ाती है, बल्कि लोगों पर पॉजिटिव इंपैक्ट भी डालती है. इसके लिए लोग रोजाना ब्रश करने की आदत रखते हैं, फ्लॉस करते हैं और माउथवॉश का भी यूज करते हैं फिर भी कई लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं कि उनके दांत पीले या फीके क्यों दिखते हैं.यह सवाल बहुत आम है और इसका जवाब जानना जरूरी है. अक्सर लोग समझते हैं कि सिर्फ ब्रश करना ही दांतों को सफेद बनाए रखने के लिए पर्याप्त है, लेकिन असल में स्थिति इससे थोड़ी जटिल है. तो आइए जानते हैं कि रोज ब्रश करने के बाद भी दांत क्यों पीले हो रहे और इस दिक्कत की वजह क्या है. रोज ब्रश करने के बाद भी दांत क्यों पीले हो रहेहमारे दांतों की संरचना परतों में होती है. सबसे ऊपर की परत को एनामेल कहते हैं, जो सफेद और थोड़ी पारदर्शी होती है. इसके नीचे की परत डेंटिन होती है, जो प्राकृतिक रूप से पीली होती है. उम्र बढ़ने के साथ, या कभी-कभी जन्मजात रूप से, एनामेल पतली हो जाती है और डेंटिन ज्यादा दिखाई देने लगता है. इसका मतलब यह है कि कुछ लोगों के दांत स्वाभाविक रूप से थोड़े पीले दिखाई देते हैं, भले ही वे कितनी भी अच्छी तरह से ब्रश करें. दांतों का पीला होना हमेशा सिर्फ बाहरी कारणों से नहीं होता है. कई बार यह आंतरिक कारणों से भी हो सकता है. इस दिक्कत की वजह क्या है1. खराब ब्रशिंग आदतें - रोजाना ब्रश करना अच्छा है, लेकिन ब्रश करने का सही तरीका और नियमितता भी उतनी ही जरूरी है. अगर दांतों की सफाई अधूरी हो, तो प्लाक जमा हो जाता है. प्लाक धीरे-धीरे टार्टर में बदल जाता है, जिसे केवल ब्रश से हटाना मुश्किल होता है. इसके लिए पेशेवर डेंटल क्लीनिंग करवाना जरूरी है. 2. खाने-पीने की चीजें - कुछ खाद्य पदार्थ और पेय दांतों पर दाग छोड़ सकते हैं. कॉफी, चाय, रेड वाइन, गहरे रंग के सोडा और शराब दांतों को पीला कर सकते हैं. खट्टे फल और अम्लीय चीजें एनामेल को कमजोर कर सकती हैं, जिससे पीला डेंटिन और ज्यादा दिखाई देता है. खाने के बाद नमक वाले पानी से कुल्ला करने से दाग कम हो सकते हैं. 3. धूम्रपान और तंबाकू - तंबाकू और सिगरेट में मौजूद टार और निकोटीन दांतों पर स्थायी दाग छोड़ते हैं. धूम्रपान से न सिर्फ दांत पीले होते हैं, बल्कि मसूड़ों की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है. 4. उम्र और प्राकृतिक कारण - उम्र बढ़ने के साथ दांतों की ऊपरी परत पतली होती है. कुछ लोगों में एनामेल प्राकृतिक रूप से पतला होता है, जिससे पीला डेंटिन ज्यादा दिखाई देता है. यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संरचना है. 5. दवाइयां और स्वास्थ्य समस्याएं - कुछ एंटीबायोटिक्स, आयरन सप्लीमेंट या मेडिकल ट्रीटमेंट जैसे कीमोथेरेपी दांतों के रंग को प्रभावित कर सकते हैं. अगर दवाइयों से दांत पीले हो रहे हैं, तो डेंटिस्ट से सलाह लेना जरूरी है. 6. चोट और दुर्घटनाएं - दांतों पर चोट लगने से उनका आंतरिक रंग बदल सकता है, जिससे वे पीले या भूरे दिखाई देते हैं. इसके लिए सही ट्रीटमेंट जैसे वेनीर्स या व्हाइटनिंग मदद कर सकते हैं. दांतों को सफेद और चमकदार कैसे बनाएं?1. पेशेवर क्लीनिंग - साल में दो बार डेंटिस्ट से स्केलिंग और क्लीनिंग करवाने से प्लाक और टार्टर हट जाते हैं. यह बाहरी दाग कम करने में मदद करता है. 2. व्हाइटनिंग ट्रीटमेंट - अगर दांत प्राकृतिक रूप से पीले हैं या धब्बे लग गए हैं, तो डेंटिस्ट के मार्गदर्शन में व्हाइटनिंग सबसे असरदार तरीका है. 3. सही ब्रशिंग और फ्लॉसिंग - दो बार दिन में ब्रश और रोजाना फ्लॉसिंग जरूरी है. सॉफ्ट ब्रश और फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट यूज करें. ब्रश ज्यादा कड़ा करने से एनामेल घिस सकता है, जिससे पीला डेंटिन और दिख सकता है.4. लाइफस्टाइल में बदलाव - गहरे रंग के पेय और तंबाकू से बचें. खट्टे फल और अम्लीय चीजें खाने के बाद कुल्ला करें. पर्याप्त पानी पिएं और बैलेंस डाइट लें. 5. . कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट - अगर दांत बहुत पीले हैं या एनामेल कमजोर है, तो वेनीर्स, बांडिंग या अन्य डेंटल रिस्टोरेशन के ऑप्शन मददगार हो सकते हैं. यह भी पढ़ें - Periods After Delivery: बच्चे की डिलीवरी के कितने दिन तक पीरियड्स न आना नॉर्मल, कब डॉक्टर से मिलना होता है जरूरी?Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना के बुलेटप्रूफ ट्रक के खाई में गिरने से हुए हादसे में हापुड़ के वीर जवान रिंकल बालियान शहीद हो गए। उनके अंतिम संस्कार ने पूरे देश को भावुक कर दिया, जब महज एक साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय भी भावुक हो गए। रिंकल बालियान हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के भटैल गांव के निवासी थे। वह 2016 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और फिलहाल डोडा में तैनात थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनके पिता पूर्व सैनिक हैं, जबकि भाई ऋषभ भी वर्तमान में सेना में सेवारत हैं। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां बेसुध हो गईं और पत्नी रिंकी चीखने लगीं। गांववासियों में भी शोक की लहर दौड़ पड़ी। शहीद रिंकल बालियान का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब चाचा की गोद में बैठे एक साल के बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख हर कोई भावुक हो उठा। मौके पर मौजूद सेना के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। रिंकल और रिंकी की शादी 2019 में हुई थी। शहीद अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और एक नन्हा बेटा छोड़ गए हैं। यह हादसा गुरुवार को डोडा में हुआ था, जिसमें आर्मी ट्रक लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गया। इस घटना में 10 जवान शहीद हुए, जबकि 11 गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज जारी है।
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