सुकमा में बस्तर पंडुम-2026 जिला स्तरीय कार्यक्रम मिनी स्टेडियम में आयोजित किया गया। बस्तर की संस्कृति के बारे में लोगों को अवगत करवाया गया।
गांव-घर में कई खर पतवार ऐसे ही उग आते हैं. लोग समझते हैं कि ये बेकार घास है. इसे काटकर फेक देते हैं. लेकिन इनमें से कुछ में अत्यंत औषधीय गुण होता है. खरपतवार जैसी दिखने वाली चिरोटा भाजी भी इन्हीं में से एक है. इसे ग्रामीण अंचलों में बड़े ही चाव से खाया जाता है.यह कई बीमारियों के लिए ब्रह्मास्त्र है. इससे खुजली की समस्या खत्म हो सकती है. बीएमएस स्टूडेंट अतुल पटले का कहना है कि चिरोटा के ताजे पत्तों की सब्जी लिवर सिरोसिस में फायदेमंद होती है.आधे सिरदर्द में इसके बीजों को पीसकर लेप बनाकर माथे पर लगाने से राहत मिलती है. कील-मुंहासों के लिए चरोटा के बीजों का चूर्ण और चंदन मिलाकर लगाने से फायदा होता है. खांसी में इसके बीजों के पाउडर की एक ग्राम मात्रा लेने से आराम मिलता है. एक्जिमा, सोरायसिस और दाद-खाज-खुजली में इसके पत्तों को उबालकर उस पानी से स्नान करने से लाभ होता है.
Demand for water, electricity and cleanliness on Shab-e-Barat
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
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