वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं. रेस्टोरेंट, ढाबे, स्ट्रीट फूड और यहां तक कि शादी-विवाह में कैटरिंग सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. आम लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे उन्हें अपने बजट में कटौती करनी पड़ रही है.
डूंगरपुर| प्रदेश सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) अब जिले में गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। करीब 9 महीने से 25 करोड़ रुपए अटके होने के कारण 1 निजी अस्पताल और 20 अधिकृत मेडिकल व्यापारियों ने योजना के तहत सेवाएं देना लगभग बंद कर दिया है। इसका सीधा असर जिले के हजारों मरीजों, खासकर बुजुर्ग पेंशनरों पर पड़ रहा है, जिन्हें अब इलाज और दवाओं के लिए जेब से भुगतान करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों ने 13 अप्रैल से केशलैस उपचार बंद कर दिया है। संचालकों का कहना है कि सरकार से भुगतान नहीं मिलने के कारण अब उधार में इलाज संभव नहीं है। ऐसे में मरीजों को या तो भर्ती से मना किया जा रहा है या पूरी राशि नकद जमा कराने को कहा जा रहा है। सिर्फ अस्पताल ही नहीं, अधिकृत मेडिकल स्टोर्स ने भी दवाइयां देना सीमित कर दिया है। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर से लिखी गई 4-5 दवाओं में से केवल 1-2 दवाएं ही योजना के तहत मिल रही हैं। बाकी दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। मेडिकल व्यापारियों के मुताबिक, लाखों रुपए का बकाया होने के बावजूद उन्हें नाममात्र का भुगतान मिल रहा है। केस 1: शहर के अभय आई क्लिनिक से बताया गया कि लंबे समय से लगभग 50 लाख रुपया बाकी है इसलिए हमारे संस्थान ने आरजीएचएस की सुविधा देना बंद कर दिया है। मरीज केशलैस इलाज के लिए आते है, लेकिन लंबे समय से सुविधा को बंद कर रखा है। पेंशनर समाज के प्रदेश सचिव दिनेश श्रीमाल ने बताया कि आरजीएचएस का सबसे बड़ा उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देना था, लेकिन वर्तमान हालात में बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। शहर की सीएचसी में 75 साल से कम उम्र के पेंशनरों की पर्ची तक नहीं काटी जा रही, जबकि पुराने शहर क्षेत्र में ही करीब 2400 पेंशनर निवास करते हैं। इससे उन्हें इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग मरीजों ने आर्थिक तंगी के चलते इलाज बीच में ही छोड़ दिया, जबकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के सामने दवाइयों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। आरजीएचएस का लाभ अब कागजों तक सीमित होकर रह गया है। केस 2: जिले के सागवाड़ा शहर में स्थित एमएम पाटीदार हॉस्पिटल के सह निदेशक रमेश पाटीदार ने बताया कि आरजीएचएस सुविधा में पिछले साल मई माह से अब तक करीब 2 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। हालांकि हॉस्पिटल में मरीजों के इलाज के लिए आरजीएचएस की सुविधा दी जा रही है, लेकिन समय पर राशि नहीं मिलने से असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। केस 3: शहर के रियल मेडिकल के संचालक यतिन जैन ने बताया कि योजना से जिले के 20 से अधिक मेडिकल जुड़े हुए हैं। इनका पिछले वर्ष के मई माह से करीब 20 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। मेडिकल व्यापार को चलाने के लिए राशि की जरूरत होती है। राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। ^शहर की सीएचसी में आरजीएचएस की सुविधा देने के लिए रिपोर्ट बनाकर जयपुर भेज रखी है। इसमें इनकी ऑनलाइन पर्ची नहीं कट रही है। बाकी सीएचसी में प्राथमिक इलाज दिया जा रहा है। -डॉ. अलंकार गुप्ता, सीएमएचओ
Aaj Ka Kumbh Rashifal 3 May 2026: कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा? क्या किस्मत साथ देगी और अधूरे काम पूरे होंगे? आइए जानते हैं आज का कुंभ राशि का राशिफल. The post कुंभ राशिफल 3 मई 2026: क्या आज आर्थिक स्थिति मजबूत होगी या पैसों को लेकर बढ़ेगी चिंता? appeared first on Prabhat Khabar .
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