How to Make besan Raita: अगर आप भी रोज की दाल और सब्जी से बोर हो चुके हैं और लंच में कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो खीरा और बूंदी नहीं बल्कि बेसन गट्टे का रायता ट्राई कीजिए. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं.
महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली ने अकादमिक जगत में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दर्शनशास्त्र सेमिनार में विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त दर्शनशास्त्र विभाग ने शोध कार्यों और नेतृत्व क्षमता से सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह वैश्विक दार्शनिक सम्मेलन 13 से 15 मई 2026 तक चला, जिसमें देश-विदेश से लगभग 450 शिक्षाविद, शोधार्थी और विद्वान शामिल हुए। कार्यक्रम में संत समाज और दर्शन जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें प्रत्यक्ष चैतन्य शंकराचार्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी जी महाराज और योगी बालक नाथ जी महाराज प्रमुख थे। सेमिनार के सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी सत्रों में से एक की अध्यक्षता महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं चीफ वार्डन प्रो. ए.के. सिंह ने की। उनके नेतृत्व में विभिन्न विश्वविद्यालयों और देशों से आए शोधार्थियों के शोधपत्रों का वाचन और अकादमिक विमर्श संपन्न हुआ। उनके प्रभावशाली संचालन और दार्शनिक योगदान के लिए उन्हें मंच पर अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के निर्देशन में गए विश्वविद्यालयीय दल में सहायक आचार्य डॉ. प्रियांशु अग्रवाल, टीचिंग असिस्टेंट हिमांशु जायसवाल, हिमांशी बहेरा और शोध छात्र प्रखर शर्मा ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। युवा शिक्षकों और शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोधपत्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सराहना मिली और उन्हें नवाचारी दार्शनिक दृष्टिकोण के लिए सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बद्रीनाथ धाम जैसे आध्यात्मिक केंद्र में आयोजित इस सेमिनार ने भारतीय दर्शन और आधुनिक शोध परंपरा के बीच नए संवाद की संभावनाएं खोली हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी ने यह साबित किया कि विश्वविद्यालय अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अकादमिक परिदृश्य में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक और शोधार्थी लगातार वैश्विक मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है।
विश्व हिंदू परिषद द्वारा डीडवाना में आयोजित होने वाले दुर्गा वाहिनी प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने के लिए युवतियों का 14 सदस्यीय दल रवाना हुआ। यह प्रशिक्षण वर्ग 17 से 24 मई तक चलेगा। दल का नेतृत्व प्रांत सेवा प्रमुख विजय लक्ष्मी चौहान कर रही हैं। मातृ शक्ति जिला संयोजिका सरिता कंवर ने बताया- जिलाध्यक्ष जय प्रकाश गुचिया और जिला सह मंत्री हीरा लाल पालीवाल ने भगवा ध्वज दिखाकर दल को रवाना किया। सरिता कंवर ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से युवतियों को सेवा, सुरक्षा और संस्कार के साथ-साथ आत्मरक्षा के गुण भी सिखाए जाएंगे। इस वर्ग में माया सोलंकी, मनीषा ओड, रविना, यागिनी पालीवाल, अनु, करीना, पार्वती, मनीषा पालीवाल, रोशनी, मंजू, सुनिता, भावना, मनीषा ओड, मधुबाला, जयश्री और अरुण सुथार सहित अन्य युवतियां भाग लेंगी।
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