सर्दियों के मौसम में पाचन को धीमा कर देता है। इस दौरान लार का उत्पादन कम होता है। सर्दियों में लोगों को भारी और मसालेदार खाने की इच्छा होती है, जो एसिड रिफ्लक्स की समस्या का कारण बनती हैं। हेल्दी डाइट अपनाने से पेट को आराम मिलता है और एसिडिटी की समस्या से बचाव किया जा सकता है। पाचन से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो हल्के हों और आसानी से पच जाएं। इस लेख में हम उन छह खास चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन करने से सर्दियों के मौसम में एसिडिटी की समस्या से राहत मिल सकती है। हर्बल चाय का सेवन करेंठंड के दौरान एसिडिटी से बचने के लिए हाइड्रेशन जरुरी है। सौंफ, अदरक या कैमोमाइल टी पिएं। ये एसिड के स्राव को रोकते हैं। सर्दियों में ज्यादा कैफीन, चॉकलेट या तले हुए खाने से बचना चाहिए। कम खाना खाएं और उसे सीधे बैठकर खाएं। रात में बेड का सिरहाना 6 से 8 इंच ऊपर रखकर सोएं।ओट्स और साबुत अनाज खाएंहेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि एसिडिटी से बचने के लिए एक बाउल केले या सेब के साथ ओटमील खाएं। इससे शरीर को घुलनशील फाइबर मिलता है जो पेट के अतिरिक्त एसिड को सोख लेता है और पाचन को दुरुस्त करता है। ओट्स का बीटा-ग्लूकन भोजन नली में एक सुरक्षा परत बनाता है जो सर्दियों में पेट की समस्याओं से निजात दिलाता है।खट्टे फल न खाएंठंड के मौसम में खरबूजा, पपीता, नाशपाती जैसे खट्टे फलों का सेवन न करें। ये कम एसिड वाले फल होते हैं इनमें एंजाइम भरपूर मात्रा में होता है। पपीते में मौजूद पपैन प्रोटीन को ब्रेक करने में मदद करता है जिससे एसिड जमा नहीं होता है। संतरे या अनानास का सेवन नहीं करना चाहिए। सर्दियों में सब्जियों को प्राथमिकता देंहेल्थ एक्सपर्ट में बताया है कि सर्दियों में सब्जियों का सेवन करें जैसे कि- गाजर, पालक और स्टीम्ड ब्रोकली का सेवन करें, इनमें मैग्नीशियम और पोटैशियम मौजूद होता है जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या दूर होती है। शकरकंद को भूनकर या मैशकर खाएं। ये पीएच लेवल को स्थिर रखता है। डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करेंएसिडिटी से बचाव के लिए डेयरी के हल्के और सेहतमंद विकल्पों को अपनी डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है। बादाम का दूध और कम वसा वाला दही इसके अच्छे विकल्प हैं। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट की अंदरूनी परत को शांत रखने में मदद करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं। अगर दही को अदरक के साथ लिया जाए, खासकर ग्रीक दही, तो यह पेट की सूजन को कम करने में सहायक होता है। वहीं अदरक एसिड रिफ्लक्स की समस्या को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।लीन प्रोटीन को चयन करेंएसिडिटी से बचने के लिए लीन प्रोटीन का सेवन करें। इसलिए आप ग्रिल्ड चिकन, मछली या टोफू को डाइट का हिस्सा बनाएं। लीन प्रोटीन क सेवन करने से पेट भारीपन फील नहीं करता। इसके साथ ही खाने के बाद सौंफ चबाएं, इसमें मौजूद एनेथॉल कंपाउंड जीआई मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है।
कुत्तों को पकड़ने के लिए परसाखेड़ा के नंदोसी गांव में बन रहे एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर के संचालन को मंजूरी दे दी गई है।
खेत मालिक ने अपने बेटे के साथ मिलकर शव को 500 मीटर दूर जंगल में फेंक दिया था. साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की थी.
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