सुबह का समय दिन की सबसे अच्छी शुरुआत माना जाता है. अच्छी नींद के बाद ताजगी महसूस होनी चाहिए, लेकिन कई लोगों की सुबह सिर दर्द के साथ शुरू होती है. हैरानी की बात यह है कि कुछ लोग पूरी 8–9 घंटे की नींद लेने के बावजूद जैसे ही बिस्तर से उठते हैं, सिर भारी लगने लगता है या तेज दर्द शुरू हो जाता है.अक्सर लोग इसे थकान, मौसम या आज कुछ ठीक नहीं है, कहकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो यह आपके शरीर की तरफ से एक संकेत हो सकता है. सुबह होने वाला सिर दर्द कोई छोटी बात नहीं है, इसके पीछे नींद से जुड़ी आदतें, पानी की कमी, तनाव, या कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं. अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में कारण पहचाने जा सकते हैं और सही कदम उठाकर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है. 8 घंटे से ज्यादा सोते हैं फिर भी सुबह उठते ही सिर दर्द क्यों होता है?1. जरूरत से ज्यादा सोना - बहुत से लोगों को लगता है कि जितना ज्यादा सोएंगे, उतना बेहतर होगा. लेकिन सच्चाई यह है कि जरूरत से ज्यादा नींद भी सिर दर्द का कारण बन सकती है. ज्यादा देर तक सोने से दिमाग के केमिकल (न्यूरोट्रांसमीटर) असंतुलित हो जाते हैं. खासतौर पर वीकेंड पर देर तक सोने से वीकेंड हेडेक हो सकता है. इसके कारण उठते ही सिर भारी लगना, सुस्ती और चिड़चिड़ापन जैसे समस्या हो सकती है. 2. शरीर में पानी की कमी - रात भर सोते समय हम पानी नहीं पीते, अगर दिन में भी पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो सुबह शरीर और दिमाग़ दोनों में पानी की कमी हो जाती है. जब शरीर डिहाइड्रेट होता है, तो दिमाग हल्का-सा सिकुड़ता है, जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और सिर दर्द होता है. ज्यादा खतरा तब होता है जब रात में शराब पी हो, कमरा बहुत गर्म हो, दिन भर पानी कम पिया गया हो. 3. स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) - स्लीप एपनिया एक ऐसी समस्या है जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है. इससे दिमाग को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है. ऐसे लोगों को अक्सर तेज खर्राटे आते हैं, सुबह उठते ही सिर दर्द होता है, दिन में बहुत नींद आती है. यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. 4. रात में दांत पीसना (Bruxism) - कई लोग सोते समय अनजाने में दांत पीसते या जबड़ा कस लेते हैं. इससे जबड़े और कनपटी की मांसपेशियों में तनाव आ जाता है, जो सुबह सिर दर्द का कारण बनता है. इसके लक्षण सुबह जबड़े में दर्द, कनपटियों में हल्का या मध्यम दर्द और दांतों का घिस जाना है. 5.गलत तकिया या सोने की गलत पोजिशन - अगर आपका तकिया बहुत ऊंचा, बहुत सख्त या बहुत नरम है, तो गर्दन गलत स्थिति में चली जाती है. इससे गर्दन और सिर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है. गलत पोजिशन में सोना भी सुबह सिर दर्द और गर्दन अकड़ने का कारण बन सकता है. 6. तनाव, चिंता और अवसाद - मानसिक स्वास्थ्य का सीधा असर नींद और सिर दर्द पर पड़ता है. जिन लोगों को चिंता या अवसाद की समस्या होती है, उनमें सुबह सिर दर्द की शिकायत ज्यादा पाई जाती है. तनाव के कारण नींद गहरी नहीं होती, जिससे शरीर पूरी तरह आराम नहीं कर पाता है. सुबह के सिर दर्द से बचने के आसान उपाय1. नियमित नींद का समय रखें - वीकेंड पर भी रोज एक ही समय पर सोएं और उठें. 2. पर्याप्त पानी पिएं - दिन भर पानी पीते रहें, सोने से पहले एक गिलास पानी, सुबह उठते ही पानी पिएं . 3. सही तकिया चुनें - ऐसा तकिया लें जो आपकी गर्दन को सीधी स्थिति में रखे, न ज्यादा सख्त, न ज्यादा नरम. 4. शराब और देर रात स्क्रीन से बचें - मोबाइल, लैपटॉप और टीवी सोने से पहले दिमाग को एक्टिव कर देते हैं. 5. हल्का व्यायाम करें - नियमित व्यायाम माइग्रेन और तनाव दोनों को कम करता है. यह भी पढ़ें Vitamin B12: क्या खाली पेट विटामिन B12 लेना सही है? एक्सपर्ट से जानें सप्लीमेंट लेने का सबसे सही समयDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर बेतिया जिले के समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन संवाद का आयोजन किया गया। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा यह संवाद आपदा मित्र स्वयंसेवकों के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय त्वरित सहायता प्रदान करने वाले आपदा मित्रों की भूमिका को सशक्त बनाना और उनके अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करना था। ऑनलाइन संवाद के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर के आपदा मित्रों के समर्पण, साहस और सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवक ही सबसे पहले राहत कार्यों की शुरुआत करते हैं। इसलिए, आपदा मित्र हमारे वास्तविक "फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स" हैं। उन्होंने आपदा पूर्व तैयारी, सामुदायिक जागरूकता और समन्वित प्रयासों पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर पश्चिम चंपारण, बेतिया जिले के कुल 397 आपदा मित्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुमार रवीन्द्र और जिला आपदा प्रबंधन शाखा की प्रभारी पदाधिकारी नग़मा तबस्सुम भी उपस्थित थीं। उन्होंने जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों, प्रशिक्षण गतिविधियों और स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। संवाद के माध्यम से स्वयंसेवकों को नई तकनीकों, बचाव उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित कार्य पद्धतियों से अवगत कराया गया। इस सत्र से उनके मनोबल में वृद्धि हुई और उन्होंने भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में बेहतर समन्वय स्थापित करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित में सेवा के संदेश के साथ हुआ। जिला प्रशासन ने बताया कि आपदा मित्र योजना के तहत युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार और सामुदायिक सहयोग शामिल हैं। ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवक संकट की घड़ी में प्रशासन और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होते हैं। उनका योगदान सुरक्षित समाज के निर्माण में अत्यंत प्रेरणादायक माना जाता है।
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर अमेरिका और चीन ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी...
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