छिंदवाड़ा के बाजारों में गर्मी की शुरूआत होते ही बढ़ी मटके की मांग, संसाधन के अभाव में दूसरे शहरों से मंगाना पड़ता है मटका.
ग्वालियर की सृष्टि गोयल ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में देशभर में 160वीं रैंक हासिल की है। शुक्रवार को परीक्षा परिणाम घोषित होते ही उनके चिक संतर स्थित घर में खुशी का माहौल छा गया। सृष्टि अपने परिवार की पहली सदस्य हैं, जो प्रशासनिक सेवा में कदम रखने जा रही हैं। सृष्टि एक समृद्ध परिवार से आती हैं। उनके पिता सुनील गोयल का पुश्तैनी सराफा व्यापार है, जबकि मां अंजू गोयल गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा सृष्टि को उनकी पढ़ाई और लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पांचवें प्रयास में मिली सफलता सृष्टि की यह सफलता एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। इंजीनियरिंग में स्नातक करने वाली सृष्टि ने यूपीएससी परीक्षा अपने पांचवें प्रयास में उत्तीर्ण की है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे तीन बार मुख्य परीक्षा पास कर साक्षात्कार तक पहुंची थीं। इंजीनियरिंग के दौरान मिली समाज सेवा की प्रेरणा हालांकि, अंतिम सूची में नाम न आने से उन्हें निराशा भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। तीसरी बार साक्षात्कार देने के बाद आखिरकार इस बार उनका चयन हो गया। सृष्टि अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और मेंटर्स को देती हैं। सृष्टि ने बताया कि 12वीं के बाद उन्होंने भी अन्य छात्रों की तरह इंजीनियरिंग को अपना करियर चुना था। हालांकि, स्नातक के दौरान एक एनजीओ में काम करते हुए उन्हें समाज सेवा में विशेष संतोष मिला। यही अनुभव उनके लिए प्रेरणा का मुख्य कारण बना। साथ ही, उनके पिता का भी सपना था कि उनकी बेटी यूपीएससी की परीक्षा दे। इन दोनों बातों ने उन्हें इस कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित किया। परिवार ने बढ़ाया मनोबल सृष्टि ने कहा कि कई बार असफलता के बाद मन टूटने लगता है और तैयारी छोड़ देने का विचार भी आता है। लेकिन ऐसे समय में परिवार, दोस्त और मेंटर्स का साथ उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। उन्होंने कहा कि जब भी निराशा मिली, परिवार ने उनका मनोबल बढ़ाया और तैयारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। सृष्टि ने घर पर ही यूपीएससी की तैयारी की सृष्टि ने अपनी ज्यादातर तैयारी घर पर रहकर ही की। उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। मेन्स परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन किया। तैयारी के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन दूरी बनाए रखी और पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। परिवार के साथ ग्वालियर का भी नाम रोशन किया मां अंजू और पिता सुनील गोयल ने बताया कि सृष्टि हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही है। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने सभी तरह के मनोरंजन और पारिवारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया। माता-पिता ने केवल उन्हें प्रेरित किया और हर कदम पर उनका साथ दिया। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और सृष्टि ने परिवार के साथ-साथ ग्वालियर का भी नाम रोशन कर दिया है।
SIM बाइंडिंग मामले में नई जानकारी सामने आ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ टेक कंपनियों की आपत्ति के बाद सरकार नियमों में ढील पर विचार कर रही है। ऐसे प्लेटफॉर्म्स को नए नियमों से छूट दी जा सकती है, जिनका मुख्य काम वन टु वन कम्युनिकेशन नहीं है। जैसे- इंस्टाग्राम और लिंक्डइन जैसे ऐप्स। इस बीच वॉट्सऐप, अरट्टई और जियो चैट ने सिम बाइंडिंग के पालन पर काम शुरू कर दिया है।
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