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क्षय रोग – सुपरकंप्यूटर से बीबीएयू शोधकर्ताओं ने विकसित की एटीपी सिंथेज़ की यथार्थवादी आभासी मॉडल

डॉ. युसुफ अख्तर सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. युसुफ अख्तर एवं सुश्री प्रज्ञा आनंद ने माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस एटीपी सिंथेज़ का एक आभासी मॉडल एक यथार्थवादी झिल्ली वातावरण में तैयार किया है, जो टीबी (क्षय रोग) के निदान में लाभकारी सिद्ध हो सकता है। यह ... The post क्षय रोग – सुपरकंप्यूटर से बीबीएयू शोधकर्ताओं ने विकसित की एटीपी सिंथेज़ की यथार्थवादी आभासी मॉडल appeared first on Suryoday Bharat .

ऋचा घोष की विस्फोटक पारी बेकार, वॉर्म-अप मैच में इंग्लैंड ने भारतीय महिला टीम को 5 रन से हराया

टी20 विश्व कप 2026 से पहले इंग्लैंड महिला टीम के खिलाफ खेले गए वॉर्म-अप मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा है...

ब्रॉडबैण्ड आज की आवश्यकता, इण्टरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की गति उतनी ही तेज होगी

मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारम्भ किया प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री जी के ‘डिजिटल इण्डिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाली एक अभिनव पहल : मुख्यमंत्री माँ गंगा के नाम पर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत एक सुखद अनुभूति ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत हिन्दुजा ग्रुप गांवों में लास्टमाइल तक डिजिटल कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जहां डिजिटल इण्टरप्र्रेन्योर अपना कार्य करेंगे डिजिटल सशक्तिकरण की दृष्टि से 08 हजार डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी ब्रॉडबैण्ड आज की आवश्यकता, इण्टरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की गति उतनी ही तेज होगी ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के पहले चरण में प्रदेश के 21 जनपदों का चयन, हमारा प्रयास शीघ्र ही सभी 75 जनपदों में यह सुविधा प्रारम्भ हो जाए हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए तथा सरकार पर उसकी निर्भरता न्यूनतम रहे, यह विकास का एक सस्टेनेबल मॉडल होगा, हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचने से वह स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो सकेंगी ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव के लोगों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का एक प्लेटफॉर्म मिलेगा, यह देश में एक नया मॉडल बनेगा टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना समय की मांग, ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के रूप में उ0प्र0 ने सबसे पहले इस दिशा में पहल की : वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रदेश में डिजिटल क्रांति का आधार बनेगी : इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री लखनऊ : 09 जून, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘डिजिटल इण्डिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाली एक अभिनव पहल है। ब्रॉडबैण्ड आज की आवश्यकता है। इण्टरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की गति भी उतनी ही तेज होगी। इससे लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन दिखाई देगा। मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में डिजिटल उद्यमिता के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए टीम यू0पी0, उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन तथा श्री अशोक हिन्दुजा के नेतृत्व में हिन्दुजा ग्रुप का आभार व्यक्त किया। उन्होंने परियोजना के पहले चरण में लाभान्वित होने वाले जनपदां के निवासियों को बधाई दी। कार्यक्रम से एम0एस0एम0ई0 विभाग के फील्ड में तैनात अधिकारी वचुअर्ल माध्यम से जुड़े थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने पूर्व में कई चरणों में अनेक कार्य किये हैं। इनमें ई-ऑफिस की संकल्पना, लैण्ड रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की कार्यवाही, प्रदेश में डिजिटल पेमेन्ट को आगे बढ़ाना तथा कोविड कालखण्ड में प्रत्येक गांव में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बी0सी0 सखी की सुविधा जैसे उदाहरण प्रमुख हैं। इसी प्रकार 57,700 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय का निर्माण किया गया है। इनसे गांव की चुनी हुई सरकार द्वारा, गांव में ही, गांव की आवश्यकता को पूरा करने की कार्यवाही सफलतापूर्वक आगे बढ़ी है। यह सभी कार्य देश में मॉडल के रूप में प्रस्तुत हुए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में घोषणा की गयी थी कि डिजिटल सशक्तिकरण की दृष्टि से प्रदेश सरकार 08 हजार डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ इसका माध्यम बनेगा। भारतीय परम्परा में माँ गंगा की पहचान की पहचान ‘गंगोत्री से गंगा सागर’ तक भारत की जीवनदायिनी नदी के रूप में है। माँ गंगा ने उत्तर भारत को दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि दी है, जिससे भारत दुनिया का पेट भरने के लिए खाद्यान्न उत्पादित करता है। इस प्रकार माँ गंगा आत्मनिर्भर भारत व देश की एकात्मता का आधार हैं। भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था। यह माँ गंगा के आशीर्वाद से ही सम्भव हुआ था। ऐसे में माँ गंगा के नाम पर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत एक सुखद अनुभूति है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत हिन्दुजा ग्रुप गांवों में लास्टमाइल तक डिजिटल कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जहां डिजिटल इण्टरप्र्रेन्योर अपना कार्य करेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाएं गांवां में लोगों को फाइनेंशियल इन्क्लूजन से जोड़ने का कार्य करेंगी। सी0एम0 युवा योजना के अन्तर्गत अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को प्रदेश सरकार 05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारण्टी मुक्त उपलब्ध कराती है। साथ ही, 10 प्रतिशत की मॉर्जिन मनी की सुविधा भी दी जाती है। लगभग 02 लाख युवा इस योजना के माध्यम से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं। जनवरी, 2025 में इस योजना की शुरुआत की गयी थी, यह एक सफल मॉडल के रूप में आगे बढ़ी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत उद्यमी का चयन तथा प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। इसके पश्चात डिजिटल इक्विपमेन्ट के माध्यम से वह अपनी सेवाएं दे सकेंगे। पहले चरण में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत प्रदेश के 21 जनपदों का चयन किया गया है। हमारा प्रयास होगा कि शीघ्र ही सभी 75 जनपदों में यह सुविधा प्रारम्भ हो जाए। हम प्रदेश की सभी 350 तहसीलों, 825 विकास खण्डों तथा 8,000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इण्टरप्र्रेन्योरशिप की इस योजना को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसके बाद यह यह योजना 57,700 ग्राम पंचायतों तक पहुंचायी जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ग्राम सचिवालय की अवधारणा को नीति आयोग ने देश में एक मॉडल के रूप में स्वीकार किया है। सरपंच की प्रक्रिया से लेकर आज प्रधान के चुनाव की प्रणाली लागू होने तक पहली बार ग्राम सचिवालय के माध्यम से गांवों में ग्राम प्रधानों व लेखपालों को अपना कार्यालय मिल पाया है। इनके माध्यम से गांव के व्यक्ति आय, जाति, निवास व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र गांव में ही प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक ग्राम सचिवालय में एक-एक पंचायत सहायक की तैनाती गयी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए तथा सरकार पर उसकी निर्भरता न्यूनतम रहे। यह विकास का एक सस्टेनेबल मॉडल होगा। हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना है। प्रदेश की लगभग 07 हजार ग्राम पंचायतें भारत नेट से तथा कुछ निजी ऑपरेटर्स के माध्यम से ब्रॉडबैण्ड की सुविधा से जुड़ी हैं। 08 हजार न्याय पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचाना एक चुनौती है। यदि इस चुनौती का सामना करने में सफल हुए, तो हमारे लिए ग्राम पंचायतों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचने से वह स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो सकेंगी। इससे अनेक सुविधाएं गांवां में दी जा सकेंगी। हमारा प्रयास है कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से 50 प्रतिशत महिलाएं अनिवार्य रूप से जोड़ी जाएं। बी0सी0 सखी की तर्ज पर इनकी अलग यूनीफॉर्म हो, उनके पास इससे सम्बन्धित इक्विपमेन्ट हों तथा इनकी अपनी पहचान हो। मार्जिन मनी के रूप में उनका किस तरह सहयोग हो सके, जिससे वह आत्मनिर्भरता के लक्ष्य से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इण्डिया के संकल्प को आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसकी सफलता आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना को भी साकार करती है। यह एक बहुत अच्छी योजना है। जिससे गांव के लोगों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का एक प्लेटफॉर्म मिलेगा। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ भी देश में एक नया मॉडल बनेगा। प्रदेश में विभिन्न आकांक्षात्मक विकास खण्डों में सी0एम0 फेलो की तैनाती की गयी है। यह सी0एम0 फेलो वहां विकास की प्रक्रिया को गति प्रदान करने में अपना योगदान देते हैं। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के कार्यां में सी0एम0 फेलो के अनुभवों का लाभ लेना चाहिए। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में अनेक परिवर्तन हुए हैं। लोगों में यह परसेप्शन बना है कि उत्तर प्रदेश में हर कार्य सम्भव है। टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना समय की मांग है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के रूप में उत्तर प्रदेश ने सबसे पहले इस दिशा में पहल की है। यह पहल सरकार की सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के रूप में एक बहुत अच्छी योजना की शुरुआत हो रही है। यह डिजिटल क्रांति का आधार बनेगी। उत्तर प्रदेश देश के विकास का ग्रोथ इंजन है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के माध्यम से यह डिजिटल विकास का भी ग्रोथ इंजन बनेगा। यू0पी0 स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सी0ई0ओ0 श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के माध्यम से प्रदेश के गांवों में भी शहरों की भांति डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की शुर

John Doe

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