Parsodi School Collapse: नागपुर जिले के काटोल तालुका के परसोडी गांव में जिला परिषद प्राथमिक स्कूल की जर्जर इमारत का हिस्सा गिर गया, लेकिन उस समय छात्र मौजूद नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।
BTech Course Differences: बीटेक कोर्स के जनरल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग साइंस में कोर्स छात्रों को अक्सर कंफ्यूजन रहती है। ऐसे में उन्हें इन दोनों कोर्स के बारे में विस्तार से जानना जरूरी है। आइए जानते हैं -
झांसी में सपा सेंटर में काम करने वाली एक युवती की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बॉयफ्रेंड शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान लेकर पहुंच गया। लेकिन वह मृतका की आईडी प्रूफ नहीं दे पाया, इसलिए शव को गेट पर ही रोक दिया गया। तब तक दिल्ली से उसका पति, ननद समेत अन्य परिजन भी आ गए। शव देखकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। पति ने मौत पर शक जाहिर करते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही और पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने समझाइश से मामला शांत कराया और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। घटना गुरुवार को नवाबाद थाना क्षेत्र के जीवनशाह कब्रिस्तान में हुई। पूरा मामला विस्तार से पढ़िए मणिपुर की रहने वाली थी टेरेसा मृतका का नाम सिम्मी उर्फ टेरेसा (30) था। वह मणिपुर की रहने वाली थी। 10 साल पहले उसकी शादी जॉन से हुई थी। दोनों दिल्ली में रहते थे। जॉन ने बताया- नवंबर 2025 में पत्नी टेरेसा झांसी आ गई थी। उसके बाद मेरी बात नहीं हुई। वो यहां सीपरी बाजार नंदनपुरा के पास पर्ल मसाज पार्लर में काम करती थी। जहां जोया नाम की एक महिला काम करती थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई और टेरेसा अपनी सहेली जोया के घर पर रहने लगी। इसी बीच जोया के भाई से उसकी दोस्ती हो गई। ये दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों रिलेशनशिप में गोविंद चौराहा के पास रहने लगे। 10 दिन से बीमार थी टेरेसा जोया ने बताया- टेरेसा की 10 दिन से तबीयत खराब थी। हम लोगों ने उसके घरवालों को कॉल करके जानकारी दी थी। तब पति कहने लगे कि मैं नहीं आ सकता, पैसे नहीं है। हम लोगों ने उसे अस्पताल में भी दिखाया। बुधवार को भी दवा लेकर आए थे, लेकिन शाम करीब 6 बजे टेरेसा की मौत हो गई। इसकी भी सूचना पति को फोन करके दी थी। आज हम लोग शव लेकर कब्रिस्तान आए। यहां घरवाले भी आ गए। यह सोचा था कि घरवाले ले जाना चाहते होंगे तो ले जाएंगे। नहीं तो कब्र खुदवाकर दफना देंगे। पति का दोस्त बोला- केस गड़बड़ है मृतका के पति के दोस्त अमन सिंह ने बताया- दिल्ली में जॉन हमारे पड़ोस में रहते हैं। उनकी पत्नी झांसी में मसाज सेंटर में काम करती थी। यहां उसकी एक युवक से दोस्ती हो गई। फिर दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे। बुधवार को जॉन बोले कि झांसी में पत्नी की मौत हो गई। हेल्प मांगने पर हम उनको लेकर झांसी आए। रास्ते में 5 से 6 कॉल आए कि शव को दफना रहे हैं। हम लोग मना करते रहे। आज सुबह झांसी पहुंचे तो शव कब्रिस्तान पहुंच चुका था। उसे दफनाने की तैयारी चल रही थी। मेरा दोस्त जॉन क्रिस्चियन है, इसलिए शव को चर्च ले जाना चाहिए था। मगर उसे कब्रिस्तान में गलत तरीके से दफनाया जा रहा था। साथ में बॉयफ्रेंड और उसकी बहन थी। अगर थोड़ी लेट हो जाते तो ये लोग शव दफना देते हैं। अब हम चाहते हैं कि शव का पाेस्टमार्टम हो और सच्चाई पता चले कि मौत कैसे हुई? ऊपरी साया बताया जा रहा है। लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ है। पत्नी की मौत पर शक है पति जॉन ने बताया कि हम लोग झांसी पहुंचे तो पत्नी का शव कब्रिस्तान के बाहर रखा था। हम लोगों को मौत पर शक था। सच्चाई सामने आए, इसलिए पुलिस को बुला लिया। अब पोस्टमार्टम करा रहे हैं। पहले दूसरे कब्रिस्तान में गए थे जीवनशाह कब्रिस्तान के सदस्य मोहम्मद इमरान खान ने बताया- आज हमारे चौकीदार का फोन आया कि एक महिला का शव आया है। घरवाले न आधार कार्ड दे पा रहे हैं और न ही कुछ बता पा रहे हैं। तब मैं मौके पर पहुंच गया। बिना आईडी प्रूफ के शव दफनाने से मना कर दिया। बाद में पता चला कि जिस महिला का शव है, वो मुस्लिम समाज से भी नहीं है। पहले ये लोग उसे कानपुर चुंगी के पास कबिस्तान पर गए, वहां भी दफना नहीं पाए। तब यहां लेकर आए। बाद में पुलिस आ गई और शव को ले गई। ...................... ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ अग्निकांड- 2 मासूम जिंदा जले, 250 परिवार बेघर:राख में सामान तलाश रहे लोग; महिलाएं बोलीं- कोठीवालों ने झोपड़ियां फूंकीं लखनऊ में बुधवार को लगी आग में 2 मासूम जिंदा जल गए। झोपड़ियों में रहने वाले करीब 250 परिवार बेघर हो गए। DCP दीक्षा शर्मा ने कहा- मासूमों के परिजनों की पहचान कराई जा रही है। घटनास्थल पर आज यानी गुरुवार सुबह सिर्फ राख और जल चुके गृहस्थी के सामान नजर आ रहे हैं। कई परिवार राख के बीच सामान तलाश रहे हैं। हालांकि, पुलिस वहां से लोगों को हटा रही है। डीएम ने कई प्रभावित परिवारों को रैन बसेरों में भिजवाया था तो कुछ परिवारों ने पास के खाली प्लॉट में रात बिताई। महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया कि कोठीवालों ने उनके घरों में आग लगाई। उन्हें धमकाया गया था कि झोपड़ियां हटा लो, नहीं तो गोली मार दी जाएगी। जब वे नहीं हटे, तो उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी गई। अब वे कहां जाएं? पढ़ें पूरी खबर
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
© India News 20. All Rights Reserved. Design by PPC Service