दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन यानी DERC ने राजधानी में पावर ड्रिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए वर्चुअल नेट मीटरिंग की नई गाइडलाइंस जारी की है। इसके मुताबिक आपने घर या बिल्डिंग की छत पर लगे सोलर पैनल से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली अपने पड़ोसी को बेच सकते हैं। जानिए पूरी बात।
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डिस्कॉम व पीएचईडी में तालमेल नहीं होने से आमजन को परेशानी भुगतनी पड़ रही है। डिस्कॉम पीएचईडी के ट्यूबवेल व ओपनवेल के कनेक्शन डिमांड राशि जमा कराने के बावजूद भी समय पर कनेक्शन नहीं करता है। दूसरी ओर पीएचईडी भी डिस्कॉम का बकाया समय पर जमा नहीं करवा रही। दोनों विभागों के आपसी तालमेल के अभाव के कारण पीएचईडी की 34 जल योजनाएं बंद होने से करीब 38 गांवों की 25 हजार से अधिक आबादी को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा। डिस्कॉम का पीएचईडी से 21.42 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। इनमें से 6 करोड़ 82 लाख 13 हजार रुपए मांग पत्र राशि (अंडरटेकिंग) के पिछले 12 साल से मांग रहा है, लेकिन पीएचईडी के अधिकारी बकाया नहीं चुका रहे। जनवरी तक पीएचईडी से डिस्कॉम का बिजली बिलों के 14 करोड़ 59 लाख 87 हजार रुपए का बकाया हो गया है। सबसे अधिक 4.95 करोड़ का बकाया गडरारोड सब डिवीजन का है। पीएचईडी की ओर से ट्यूबवेल, ओपनवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किए जाते हैं तो डिस्कॉम की ओर से कनेक्शन के लिए डिमांड राशि निकाली जाती है। नियमानुसार डिमांड राशि जमा कराने के बाद ही डिस्कॉम को कनेक्शन जारी करना होता है, लेकिन पीएचईडी लोकहित कार्य बताते हुए डिमांड राशि बाद में जमा कराने का शपथ पत्र (अंडरटेकिंग) देती है, लेकिन बकाया नहीं चुका रही। एक्सप्लेनर - अंडरटेकिंग में 362 कनेक्शन, 6.82 करोड़ बाकी डिस्कॉम की ओर से पीएचईडी के अंडरटेकिंग पर 362 कनेक्शन का 6 करोड़ 82 लाख 13 हजार का बकाया 2014 से चल रहा है। इसी साल में 8 कनेक्शन जारी करने पर 17 लाख 96 हजार, 2015-16 में 5 का 5.57 लाख, 2019 में 58 का 1.62 करोड़, 2020 में 58 का 1.14 करोड़, 2021 में 32 का 50.25 लाख, 2022 में 23 का 77.92 लाख, 2023-24 में 12 का 41.48 लाख, 2024 में 49 का 1 करोड़ 76 लाख 83 हजार व 2025 के 11 कनेक्शन का 48.84 लाख का बकाया चल रहा है। बाड़मेर डिवीजन के पीएचईडी की ओर से 10.43 करोड़ बिजली बिल का भुगतान बकाया है तो गुड़ामालानी डिवीजन में 4.16 करोड़ का भुगतान अटका पड़ा है। सबसे अधिक गडरारोड सब डिवीजन का 4.95 करोड़, चौहटन का 1.91 करोड़, भियाड़ का 1.10 करोड़, बाड़मेर शहर द्वितीय का 1 करोड़ के बिजली बिलों का भुगतान पीएचईडी की ओर से नहीं किया गया। गुड़ामालानी के अधीन सेड़वा सब डिवीजन के 1.66 करोड़ का भुगतान अटका पड़ा है। “बिजली बिलों व अंडरटेकिंग राशि के भुगतान की जिम्मेदारी एक्सईएन लेवल की है। डिस्कॉम की ओर से अंडरटेकिंग के बकाया का मेरे पास कोई पत्र नहीं आया। विभाग की ओर से बिजली बिलों का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। कहीं समस्या है तो आपस में बातचीत से समस्या समाधान हो सकता है। काम नहीं करने से स्रोत बंद रहते हैं।” -हजारीराम बालवां, एसई पीएचईडी बाड़मेर “डिस्कॉम की ओर से जनहित को देखते हुए पिछले दो-तीन साल में पीएचईडी के कई कनेक्शन अंडरटेकिंग पर किए गए। पीएचईडी की ओर से अब रुपए जमा नहीं करवाए जा रहे। ऐसे में जिले के सभी 16 सब डिवीजन में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। विभाग की ओर से पीएचईडी के पेयजल स्रोत में बिजली व्यवधान होने पर प्राथमिकता से ठीक करवाए जाते हैं।” -अशोक मीणा, एसई डिस्कॉम बाड़मेर
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