मुंबई। डेनमार्क की दिग्गज शराब निर्माता कंपनी कार्ल्सबर्ग ए/एस (Carlsberg A/S) भारतीय शेयर बाजार में कदम रखने की बड़ी तैयारी कर रही है। कंपनी ने अपनी भारतीय इकाई के आरंभिक...
सवाई माधोपुर की मानटाउन थाना पुलिस ने 9 साल से फरार चल रहे दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी एक पुराने गंभीर मारपीट के मामले में फरार चल रहे थे। जिनके एसीजेएम कोर्ट ने स्थायी वारंट जारी किया था। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर जयपुर जिले में अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलते हुए मजदूरी और पुताई का काम कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सोनू उर्फ सौरभ (32) और विजय कुमार (37), दोनों निवासी शांति नगर, खेरदा, थाना मानटाउन, जिला सवाई माधोपुर को ग्राम दयालपुरा, थाना शिवदासपुरा, जिला जयपुर से गिरफ्तार किया। मजदूरी और पुताई का काम कर काट रहे थे फरारी मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन, एएसपी विजय सिंह और कार्यवाहक सीओ सिटी जयप्रकाश अटल के सुपरविजन में मानटाउन थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सवाई माधोपुर द्वारा प्रकरण संख्या 694/2017 में स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी कई वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने नाम और पहचान छिपाकर रह रहे थे। वे जयपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मजदूरी और पुताई का कार्य करते थे तथा पुलिस की नजर से बचने के लिए लगातार किराये के मकान, मोबाइल नंबर और संपर्क बदलते रहते थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी के निर्देशन में हेड कांस्टेबल बुद्धीप्रकाश और कांस्टेबल जगदीश की विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पुराने रिकॉर्ड का अध्ययन करने के साथ रिश्तेदारों और परिचितों पर निगरानी रखी तथा मुखबिर तंत्र और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दोनों के दयालपुरा में छिपे होने की सूचना प्राप्त की। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने दबिश देकर दोनों स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर लिया।
देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई को लेकर एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है। अगर आप भी अब तक कंप्यूटर साइंस (CS) या मैकेनिकल इंजीनियरिंग को ही सबसे बेस्ट करियर ऑप्शन मान रहे थे, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है। बदलती दुनिया और आधुनिक इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए विभिन्न आईआईटी संस्थानों ने 10 ऐसे धांसू और न्यू-एज बीटेक कोर्स (New-Age BTech Courses) शुरू किए हैं, जिनकी ग्लोबल मार्केट में भारी डिमांड है। इन कोर्सेज को पूरा करते ही छात्रों को देश-विदेश की बड़ी कंपनियों से लाखों-करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज के जॉब ऑफर्स मिल रहे हैं। पारंपरिक इंजीनियरिंग से आगे की सोच और नए जमाने के हाई-टेक कोर्स तकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के आने के बाद अब पुरानी स्ट्रीम्स की चमक थोड़ी फीकी पड़ने लगी है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर जैसे शीर्ष संस्थानों ने अपने करिकुलम को पूरी तरह अपग्रेड किया है। नए शुरू किए गए इन 10 पाठ्यक्रमों में डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम इंजीनियरिंग, सस्टेनेबल एनर्जी, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन, साइबर सिक्योरिटी और मैटेरियल्स साइंस जैसे अत्याधुनिक विषय शामिल हैं। ये कोर्स छात्रों को सीधे तौर पर उन स्किल्स से लैस करते हैं जिनकी तलाश आज की गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और टेस्ला जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को है। लाखों की सैलरी और देश-विदेश के जॉब मार्केट में बंपर डिमांड इन न्यू-एज कोर्सेज की सबसे बड़ी खासियत इनका प्लेसमेंट रिकॉर्ड है। शुरुआती बैच के डेटा को देखें तो इन इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (Emerging Technologies) से बीटेक करने वाले छात्रों को पारंपरिक कंप्यूटर साइंस के मुकाबले कई गुना बेहतर और आकर्षक पैकेज मिल रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दशक में इन सेक्टर्स में प्रोफेशनल्स की भारी कमी होने वाली है, जिसके कारण इन क्षेत्रों के ग्रेजुएट्स की शुरुआती सैलरी ही लाखों रुपये से शुरू हो रही है। यदि कोई छात्र इन अत्याधुनिक स्ट्रीम्स में अपनी पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे कैंपस प्लेसमेंट के दौरान ही बेहतरीन डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑफर्स मिल रहे हैं। स्थानीय स्तर पर छात्रों के बीच भारी क्रेज और एडमिशन का नया ट्रेंड आईआईटी के इस कदम के बाद कोटा, दिल्ली, पटना, हैदराबाद और लखनऊ जैसे बड़े एजुकेशनल हब्स में कोचिंग कर रहे जेईई (JEE Advanced) के छात्रों के बीच इन नए कोर्सेज को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब छात्र केवल सीएस या आईटी ब्रांच के पीछे भागने के बजाय इन स्पेशलाइज्ड कोर्सेज को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं। स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया ट्रेंड भारतीय शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा। इन कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए छात्रों को जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में बेहतरीन रैंक लानी होती है, जिसके बाद काउंसलिंग के जरिए वे अपनी पसंदीदा न्यू-एज स्ट्रीम चुन सकते हैं।
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
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