आबकारी विभाग एक बार फिर विवादों में है। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड ने इस बार राज्य को 8 जोन के लिए मैनपावर सप्लाई का टेंडर निकाला था। टेंडर में शर्त थी कि एक मालिक की दो कंपनियों का चयन नहीं हो सकता है। यही वजह है कि टेंडर दस्तावेज में यह बात लिखित में ली गई थी कि हमारी दूसरी कंपनी इसमें भाग नहीं ले रही है। 25 मार्च को 8 कंपनियों का चयन किया गया, इसमें एसआईएस कैश सर्विसेस लिमिटेड और डस्टर टोटल सॉल्युशन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड एक ही मालिक के होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत होने पर विभाग ने अब दोनों कंपनियों से लिखित में इसका जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि दोनों कंपनियां भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रितुराज किशोर सिन्हा की हैं। यह बात सामने आने पर विवाद और बढ़ गया है। टेंडर में 148 कंपनियों ने लिया था भाग, 8 चयनित मैनपावर कंपनी में 148 कंपनियों ने भाग लिया। इसमें पहले तकनीकी फिर प्राइज बिड में 8 कंपनियों का सलेक्शन हुआ-जो इस तरह है-{बाम्बे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड {डस्टर टोटल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड {इनोविजन लिमिटेड {इनोवसोर्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड {पैरेग्रीन गार्डनिंग प्राइवेट लिमिटेड {एसआईएस कैश सर्विस लिमिटेड {स्पैक्ट्रम टैलेंट मैनेजमेंट लिमिटेड {टीम एचआरजीएसए प्राइवेट लिमिटेड शर्तों पर उठ चुके हैं सवाल आबकारी विभाग में हुए शराब घोटाले में मैनपावर कंपनियों की भी जांच की गई थी। इसके बाद से यह काम हमेशा विवादों के घेरे में ही रहा। इस बार भी जब टेंडर हुआ तो शर्तों पर सवाल खड़े हुए। 300 करोड़ के काम में 300 करोड़ रुपए का टर्नओवर मांगा गया था। साथ ही समान प्रकृति के कार्य का अनुभव नहीं मांगा गया। 3 साल के प्लेसमेंट कंपनी चलाने वाले को मौका देने की छूट ने इस टेंडर को विवादित कर दिया था। इसकी शिकायतें मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक हुईं। तीन कंपनियों की शिकायत मिली है। दो कंपनियां एक ही संस्था की है, उनसे जवाब मांगा गया है। वहीं डिबार हुई कंपनी पर कोर्ट में स्टे है। उनसे भी लिखित जवाब लिया जा रहा है। जवाब आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। - देवेंद्र भारद्वाज, विशेष सचिव, आबकारी एनएचआई में डिबार हो चुकी कंपनी का भी मामला मैनपावर के लिए चयनित हुई इनोविजन लिमिटेड की भी शिकायत हुई है। शिकायत में लिखा है कि कंपनी के विरूद्ध नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया में 25 जुलाई 2025 को डिबारमेंट का आदेश हुआ था। कंपनी को एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया है और अनुबंध भी खत्म किया गया। बताया जाता है कि कंपनी पर टोल प्लाजा में शुल्क वसूली से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं और कथित फर्जी गतिविधियों के आरोप लगे हैं। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और डिबारमेंट आदेश पर अंतरिम स्थगन लागू है। शिकायत पत्र में मांग की गई है कि अंतिम न्यायालयीन निर्णय तक उक्त कंपनी को किसी भी टेंडर प्रक्रिया में शामिल न किया जाए।
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.
IPL Inside Story: आईपीएल कंपनियों के मालिकों की तगड़ी कमाई हो रही है, एक तरह से IPL अब सुपरहिट बिजनेस में बदल चुका है, और बड़े-बड़े निवेशक इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं, आइए जानते हैं कि आईपीएल में कमाई के क्या फॉर्मेट हैं.
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