विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह के अभ्यास के कारण बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात प्रतिबंधित रहेगा।दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा जारी परामर्श के अनुसार, विजय चौक शाम चार बजे से साढ़े छह बजे तक सामान्य वाहनों के लिए बंद रहेगा। वहीं, कृषि भवन के पास स्थित गोलचक्कर से विजय चौक की ओर रायसीना रोड पर भी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।परामर्श में कहा गया है कि अभ्यास के दौरान दारा शिकोह रोड, कृष्णा मेनन मार्ग और सुनेहरी मस्जिद के गोलचक्करों से आगे विजय चौक की दिशा में इस अवधि में यातायात की अनुमति नहीं होगी।इसके अलावा, विजय चौक से रफी मार्ग के बीच कर्तव्य पथ चौराहे की ओर जाने वाला मार्ग भी निर्धारित समय के दौरान बंद रहेगा।लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और रिंग रोड, रिज रोड, अरबिंदो मार्ग, मदरसा टी-प्वाइंट, सफदरजंग रोड (कमाल अतातुर्क मार्ग की ओर), रानी झांसी रोड और मिंटो रोड जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
माघ शुक्ल पंचमी 23 जनवरी शुक्रवार को वसंत पंचमी के साथ फागुन के रंग भी फिजा में घुलने लगेंगे। इस दिन बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की पूजा स्कूल-कोचिंग, शैक्षणिक प्रतिष्ठान समेत घरों में की जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा के अनुसार संगीत व कला की अधिष्ठात्री देवी मां बागेश्वरी को समर्पित वसंत पंचमी पर भगवान गणेश, लक्ष्मी, नवग्रह, पुस्तक-लेखनी और वाद्य यंत्र की पूजा भी होगी। पंचमी तिथि 22 की देर रात 2:29 बजे से लगेगी और दूसरे दिन 23 जनवरी की देर रात 1:47 बजे तक रहेगी, इसलिए शुक्रवार को पूरे दिन माता सरस्वती की पूजा होगी। मूर्तिकार संजीव कुमार पंडित के अनुसार गंगा मिट्टी, लोहरदगा की पंख मिट्टी व नगड़ा की मिट्टी से मूर्ति को आकार दिया जाता है। मूर्ति के निर्माण में सबसे पहले पुआल का ढांचा बनाकर उस पर नगड़ा मिट्टी का लेप लगाया जाता है। इसको सूखने के बाद फिर से नगड़ा मिट्टी का लेप फिर पंख मिट्टी का उपयोग किया जाता है। अंत में मां का चेहरा, उंगली और मूर्ति को फिनिशिंग के लिए पटना की पवित्र गंगा मिट्टी का उपयोग किया जाता है। मिट्टी की मूर्ति बैठाएं पटना साइंस कॉलेज में इन्वॉयरमेंट साइंस की कोआर्डिनेटर प्रो. पूनम रंजन के अनुसार मिट्टी से निर्मित मूर्तियां पानी में आसानी से घुल जाती हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल हैं। इसलिए मिट्टी से बनी मूर्ति ही बैठानी चाहिए। मूर्ति में प्लास्टर ऑफ पेरिस के उपयोग से पर्यावरण, जल, जलीय जीव और मानव स्वास्थ्य पर कई तरह से दुष्प्रभाव पड़ता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट से बना एक कृत्रिम पदार्थ है, जो जल्दी सख्त हो जाता है, पानी में आसानी से नहीं घुलता है। पीओपी की मूर्तियां मिट्टी की तरह घुलकर नष्ट नहीं होती हैं। विसर्जन के बाद यह तलछट के रूप में नदी या तालाब के तल में जमा हो जाती है। पीओपी से प्रदूषित पानी में स्नान करने या पीने से त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियां, किडनी व लिवर पर प्रभाव आदि हो सकता है। कोचिंग एरिया, स्कूल-कॉलेजों के पास अभया ब्रिगेड की तैनाती सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस को लेकर आईजी जितेंद्र राणा ने एसएसपी और तीनों सिटी एसपी के साथ बैठक की। कहा कि सरस्वती पूजा के दौरान कोचिंग एरिया, स्कूल, कॉलेजों के पास अभया ब्रिगेड की तैनाती की जाए। पूजा और जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर रोक रहेगी। मूर्ति स्थापित करने के लिए लाइसेंस लेना होगा। हर पंडाल के पास पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी और वीडियोग्राफी होगी। विसर्जन के दौरान भी पुलिस बल की तैनाती रहेगी। जिला नियंत्रण कक्ष और आई ट्रिपल सी में अलग से एक-एक पुलिस अधिकारी की तैनाती होगी। डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने भी गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले सभी होटलों में छापेमारी का निर्देश दिया।
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
© India News 20. All Rights Reserved. Design by PPC Service